जब बुराई एक महाकाय रूप धारण कर लेती है, जब ऐसा प्रतीत होता है कि सबकुछ लुप्त हो चुका है, जब आपके शत्रु विजय प्राप्त कर लेंगे, तब एक महानायक अवतरित होगा।
क्या वह रूखा एवं खुरदुरा तिब्बती प्रवासी शिव सचमुच ही महानायक है? और क्या वह महानायक बनना भी चाहता है अथवा नहीं? अपने प्रारब्ध एवं कर्तव्य की ओर खिंच जाने वाले एवं साथ ही प्रेम से प्रेरित शिव क्या सूर्यवंशियों के प्रतिशोध में उनका नेतृत्व करेंगे और बुराइयों का नाश करेंगे?
यह शिव रचना त्रयी की प्रथम पुस्तक है। शिव एक साधारण मनुष्य है जिसके कर्म उसे देवों के देव महादेव में परिवर्तित कर देते हैं।
About the Author
आई. आई. एम. (कोलकाता) से प्रशिक्षित, 1974 में जन्मे अमीश ने एक बोरिंग बैंकर से एक सफल लेखक का लम्बा सफ़र तय किया है। अपने पहले उपन्यास मेलूहा के मृत्युंजय (शिव रचना त्रयी का प्रथम भाग) की अपार सफलता से प्रोत्साहित होकर आप फ़ाइनेंशियल सर्विस का चौदह साल का कैरियर छोड़ कर लेखन क्षेत्र में आ गये। इतिहास, पौराणिक कथाओं एवं दर्शन के प्रति आपके रुझान ने आपको विश्व के सभी धर्मों और उनके अर्थ को समझने के लिए प्रेरित किया। अमीश की पुस्तकों की पचपन लाख से अधिक प्रतियाँ बिक चुकी हैं और उनका उन्नीस से अधिक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।
विश्वजीत ‘सपन’ बहुप्रतिभा संपन्न व्यक्ति हैं। आप एक लेखक, कवि, गायक, संगीतकार, ग़ज़ल गायक और अनुवादक हैं, साथ ही आप आईपीएस की नौकरी भी करते हैं।
Product details
- Publisher : Westland
- Language : Hindi
- Pages : 472
- Edition : 2012
- Author : Amish Tripathi
- Binding : Paperback
- ISBN-10 : 9380658826
- ISBN-13 : 978-9380658827
- Item Weight : 250 g




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