‘तरकश’ जावेद अख़्तर की कविताओं का एक संग्रह है जो शहरी जीवन, संवेदनशीलता, और जीवन के उतार-चढ़ावों को दर्शाती है। यह किताब एक ऐसे शायर की भावनाओं को व्यक्त करती है जो शहरी सभ्यता में रहता है और जीवन के कई पहलुओं जैसे भूख, अकेलापन, और संघर्ष का अनुभव करता है। यह संग्रह जावेद अख़्तर की विचारशीलता और संवेदनशीलता का एक अद्भुत उदाहरण है।
- विषय-वस्तु: यह शहरी जीवन की जटिलताओं, जैसे बेबसी, अकेलापन, भूख, और भीड़ के बीच अकेलेपन पर केंद्रित है।
- अनुभव: कविताएँ एक ऐसे व्यक्ति के अनुभवों को दर्शाती हैं जिसने जीवन के सुख-दुःख, खट्टे-मीठे अनुभवों को महसूस किया है।
- शैली: यह किसी और की शैली की नकल नहीं है, बल्कि जावेद अख़्तर की अपनी आवाज़ और दृष्टिकोण को व्यक्त करती है।
- थीम: शायर की गहन सोच और संवेदनशीलता, और जीवन को सीधे अपनी आँखों से देखने की उनकी क्षमता को उजागर करती है।
About the Author
शायर, पटकथाकार और गीतकार जावेद अख़्तर ऐसे गिने-चुने लोगों में हैं जो व्यावसायिक सिनेमा से लेकर शायरी और अदब तक की दुनिया में एक विशेष महत्व रखते हैं। भारतीय सिनेमा के इतिहास में जावेद अख़्तर का योगदान ज़ंजीर, दीवार और शोले जैसी फ़िल्मों के कालातीत महत्व से आँका जाता है जिनकी पटकथाएँ उन्होंने सलीम ख़ाँ के साथ मिल कर लिखी थीं। उर्दू और हिन्दी में प्रकाशित उनके कविता-संग्रह तरकश को हर तरह की सफलता मिली है। उन्होंने ऐसे फ़िल्मी गीत लिखे हैं जिनका न केवल अनुकरण किया गया बल्कि उनसे नयी परम्परा की शुरुआत भी हुई। आज सिनेमा और साहित्य के क्षेत्र में जावेद अख़्तर अत्यन्त सफल और सम्माननीय व्यक्ति हैं।
Product details
- Publisher : Rajkamal Prakashan
- ISBN-10 : 8126707267
- ISBN-13 : 978-8126707263
- Author : Javed Akhtar
- Language : Hindi
- Pages : 164
- Binding : Paperback



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