गुप्त प्रेमपत्र, प्रशांत सागर की कविताओं का एक अनूठा संग्रह है, जो मानव सभ्यता, प्रेम, और यात्रा के अनुभवों को गहराई से छूता है। इस संग्रह की कविताएँ छोटी हैं, जैसे कि ईश्वर की यात्रा का एक संक्षिप्त प्रेमपत्र। कवि हमें यह बताने की कोशिश करते हैं कि जीवन की हर यात्रा हमें कहीं न कहीं एक नए दृष्टिकोण से दुनिया को देखने का मौका देती है। इन कविताओं में पहाड़ों से घिरी घाटी में खिले एक फूल की तरह, जीवन की सरलता और जटिलता दोनों को दर्शाया गया है। हर कविता एक अलग रास्ते से गुजरने वाले यात्री की तरह, पाठक को अपनी यात्रा की ओर आमंत्रित करती है। यह संग्रह आपको खुद के भीतर झांकने और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को नए सिरे से समझने का मौका देगा। प्रशांत सागर एक कवि और लेखक हैं, जिनका जन्म 1992 में बिहार के एक छोटे से गाँव रसलपुर में हुआ। उनका जीवन विभिन्न शहरों और अनुभवों से समृद्ध रहा है, जो उनकी कविताओं में साफ झलकता है। वर्तमान में वे भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में कार्यरत हैं और उनके लेखन में जीवन के विविध रंगों और अनुभवों का अनूठा मिश्रण है। “गुप्त प्रेमपत्र” उनकी काव्य यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
Product details
- Publisher : Pankti Prakashan
- ISBN-10 : 819632944X
- ISBN-13 : 978-8196329440
- Author : Prashant Sagar
- Language : Hindi
- Pages : 192
- Binding : Paperback



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