मोहन राकेश के नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’ का सार एक कवि कालिदास के जीवन के संघर्ष और उनकी पहचान से जुड़ी कहानी है, जिसमें उनकी प्रेयसी मल्लिका का अहम योगदान है। यह नाटक कालिदास के ग्रामीण जीवन, कला के प्रति प्रेम, राज्य की सत्ता के मोह और मल्लिका से बिछड़कर उनके अंदर आने वाले बदलाव को दर्शाता है। अंततः, वे अपने पुराने स्वरूप से इतना दूर हो जाते हैं कि वापस लौटकर मल्लिका को भी पहचान नहीं पाते, और मल्लिका इस बिछड़न के बाद अपने पुत्र के साथ अकेली रह जाती है।
About The Author
मोहन राकेश एक प्रसिद्ध हिन्दी लेखक थे जिनका जन्म ८ जनवरी १९२५ को अमृतसर में हुआ था और निधन ३ दिसंबर १९७२ को हुआ था. वह नई कहानी आंदोलन के प्रमुख हस्ताक्षर थे और उन्होंने नाटक, उपन्यास, कहानी और निबंध जैसी कई विधाओं में लिखा. उनकी प्रमुख कृतियों में नाटक ‘आषाढ़ का एक दिन’, ‘लहरों के राजहंस’, ‘आधे-अधूरे’ और उपन्यास ‘अंधेरे बंद कमरे’ शामिल हैं. राकेश को लेखन के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
Product details
- Publisher : Rajpal & Sons
- ISBN-10 : 8170284007
- ISBN-13 : 978-8170284000
- Language : Hindi
- Pages : 128
- Binding : Paperback

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